




बाहरी दिल्ली के अलीपुर में ये स्मारक सालों से बदहाल पडा हैं इसकी कोई सुध नही ले रहा था ..इसमें जंगली घास उगी हैं ..कूड़े ये डेर हैं .दरअसल अठारह सो सत्त्वान कि कि क्रान्ति में इस इलाके में अग्रेजों ने चार दर्जन से ज्यादा जवानों को रोड रोलर से कुचला था ..ये सभी इसी सडक पर शहीद हुए थे ..और इनकी याद में आज से तीस साल पहले दिल्ली के फ्लड डिपार्टमेंट ने ये समारक बनाया ..जिस पर सभी शहीदों के नाम भी अंकित हैं ..ये सभी शहीद आसपास के गावों से थे ..इन शहीदों को लोग पन्द्रह अगस्त पर यहाँ नमन करने जरूर आते हैं हैं ..पर बनाने के बाद न तो यहाँ सफाई ह्युई न ही कभी यहाँ मरमत का काम हुआ ..ये शहीदी स्मारक बदहाल हो गया..और आज भी देखिये यही हाल हैं .....
इसकी ये जो पेपर पर दीखाई गई हैं ऐसी भव्य इमारत बनेगी व इस समारक को नया लुक दिया जाएगा ..फ्लड दिपार्मेंट ने एक करोड़ बाईस लाख रूपये मंजूर कर दिये ..ये काम एक साल में पूरा होगा ..एरिया एम् एल ए का कहना हैं कि यदि बजट कम पड़ा तो वो सरकार से और बजट बदवायेगें पेशे कि कमी इस काम में नही आने देगे ....
चाहे किसी भी कारण सरकार जागी हो लेकिन शहीदों शुद्ध ली हैं जो एक सहरानीय काम हैं ..हम इन शहीदों को नमन करते हैं ...
जयहिन्द
Anil Attri ...........
सार्थक और सराहनीय प्रस्तुती ...कास ये भ्रष्ट लोग इस शहीद स्मारक के फंड को भी कोमनवेल्थ की तरह ना लूटकर सही से इस्तेमाल कर इन शहीदों को सही सम्मान दे सकें ...
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