गुरुवार, 4 अगस्त 2016


दिल्ली सरकार पर बीजेपी कांग्रेस का बड़ा आरोप 
video

https://youtu.be/lql5nIl5CQg
अनिल अत्री  दिल्ली ...
-- दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने हर मंच से वायदा किया  था कि ठेकेदारी प्रथा बन्द होगी   ..  करप्शन बिल्कुल  नही होगा  .. पर अब आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने CATS एम्बुलेंस का ठेका निजी कम्पनी को  दे दिया  .. नई गाड़िया पूरी सड़क पर आई नही पुरानी करीब सत्तर गाड़ियों की फिटनेस खत्म हो गई और फिटनेश बुराड़ी अथॉरटी में जारी है   .. कोंग्रेस बीजेपी की मांग है कि इस फिटनेस की जांच हो इसमें बड़ा घोटाला हैं  .. अनफिट गाड़ियों को सरकार के प्रेसर में पास  किया जा रहा है  .. बीजेपी और कोंग्रेस दोनों ही पार्टियों ने इसका विरोध किया है और ऐसी एजेंसी से जांच  की मांग की जो दिल्ली सरकार के नियंत्रण में न हो  .. 
*केजरीवाल हाय हाय*  .... !!!!!!
*कैट्स घोटाले की जांच करो*  .... !!!!!!!!!!!!!!!!
*ठेकेदारी प्रथा बन्द करो*.. !!!!!!
*ठेकेदारी प्रथा बन्द करो*   .. !!!!!!!!!
ये सब नारे लगाते लोग है कोंग्रेस के कार्यर्कता कुछ लोग ऐसे भी जिन्होंने केजरीवाल साहब की पार्टी को ही वोट दिया था पर चुनाव जीतने के बाद इन्होंने पाया की इनकी उम्मीदों पर सरकार खरी नही उतर  रही है तो इन्होंने इस पार्टी के खिलाफ आवाज उठाई है   .. हाथो में तख्तियां है  .चेहरे पर गुस्सा है  ... इनका कहना है कि हर मंच से वायदा हुआ था कि ठेकेदारी प्रथा बन्द होगी पर दिल्ली के मरीजो की जिंदगी ही  प्राइवेट हाथो में दे दी   .. ये सरासरी धोखा है   .. दूसरा  मुद्दा करप्शन का था इसपर बीजेपी  कांग्रेस का आरोप है की करप्शन पहले से ज्यादा है आजकल एम्बुलेंस सेवा दिल्ली में चरमरा गई है  ..  कोई एक्सीडेंट हो , महिला  डिलीवरी पेन हो , बिल्डिंग  कोलेप्स हो सरकारी एम्बुलेंस कही नही मिल रही  .. साथ ही सरकार पर बड़ा आरोप है कि निजी कम्पनी को ठेका दिया नई गाड़िया चली नही पुरानी की पासिंग में दिक्कत थी किसी की खिड़की टूटी है , किसी में सिलेंडर नही , किसी में सीट कवर नही , रेड लाइट नही  .. कैसे पास होती  .. इस पर बीजेपी और कांग्रेस का बड़ा आरोप है कि चार गाड़िया कैट्स की अंदर जाती है और वहां पहले से सामान से भरी गाडी खड़ी है उसमे सब सामान है अंदर जाने वाली एम्बुलेंस में वो सामान लगवाकर गाडी पास कराई जाती है फिर उस सामान को उतारकर दूसरी गाडी में लगाकर उसे पास करवा लेते है   .. बुराड़ी अथॉरटी बोल नही रही क्योकि सरकार का दबाव है  .. 
यहां के लोगो ने ये सब खेल देखा और अब जांच की मांग उठने लगी है   .. 



स्थानीय लोगो और महिलाओ का आरोप है कि वक्त पर कभी भी एम्बुलेंस मिलती सब लोग परेशान है   .. और कांग्रेस का कहना है कि वो बुराड़ी अथॉर्टी के आगे भूख हड़ताल पर बैठेगे  ..
.. 

अब लोग इसमें ऐसी एजेंसी से जांच की मांग  की है जो दिल्ली सरकार के अधीन न हो  ..  आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार घिरती नजर आ रही है क्योकि इनकी मांग फिलहाल जांच की है और जांच से दिल्ली सरकार क्यों पीछे हट रही है  .. 
अनिल अत्री  दिल्ली ...
 

गुरुवार, 3 दिसंबर 2015

देश की राजधानी दिल्ली में पोल्यूशन खतरे के लेवल से उपर पहुंचा .

देश की राजधानी दिल्ली में पोल्यूशन खतरे के लेवल से उपर पहुंचा .... कोर्ट से लेकर सरकारे चिंतित ...  इस पोल्यूशन को लेकर कई सालो से सरकारों को सलाह दे रहे और पोल्यूशन कम करने की लड़ाई लड़ रहे लोगो की दलीलों पर सरकारों ने नही दिया ध्यान ... RTI एक्टिविस्ट हरपाल राणा ने कहा कार फ्री डे , स्कूलों की छुट्टी आदि मौजूदा कदम स्थाई समाधान नही .. जरूरत है स्थाई समाधान हो ... इसके कुछ स्थाई सुझावों के लिए लिख रहे है पत्र पर नही हुई कारवाई ... पर्यावरण वैज्ञानिक फयाज खुदसर ने भी सुझाए सुझाव और गिनाई कुछ योजनाओ की कमिया ...


वी ओ 1
देश की राजधानी दिल्ली में धुल और प्रदुषण का लेवल इतना बढ़ा है की सरकारे और कोर्ट से लेकर सब चिंता में है ... ये है बुराड़ी विधानसभा का संत नगर इलाका खुले में देखिये कैसे कूड़ा जल रहा है .. प्रदुषण की समस्या की चर्चा जोरो पर है इसके बावजूद भी खुलेआम कूड़ा जलाया जा रहा है ... यमुना बायो डायवर्सिटी पार्क के प्रमुख पर्यावरण वैज्ञानिक फयाज खुदसर ने कहा मौजूदा समस्या धुल कणों का वायु में मिलना है ... पर्यावरण वैज्ञानिक फयाज खुदसर ने कहा यहा के प्लान सही नही है ..प्लानों में कमी है .. आउटर रिंग रोड के किनारे पेड़ लगाये गये चार साल बाद पेड़ सडक फिर काटने पड़े ..योजन सौ साल को लेकर कम से कम बने पर दिल्ली में ये सडक योजना चार साल की भी नही थी ... साथ ही सडक किनारे धुल अपने उपर रोकने वाले पेड़ हो ... पानी के पानी की लाइने बड़ी सडको के किनारे से गुजारे और जगह जगह फ्व्हारे लगाये जो सुबह शाम पानी का छिडकाव सडको के किनारे करे जिससे बड़े ट्रको से धुल न उठ पाए ...
बाईट -- पर्यावरण वैज्ञानिक फयाज खुदसर
वी ओ 2
RTI एक्टिविस्ट हरपाल राणा  कई साल से सरकारों को सलाह दे रहे है और साथ में NCR प्लानर बोर्ड का सरकार का ही डाटा लिया है ये डाटा देखिये साफ़ बता रहा है देखिये डायग्राम सरकारी है दिल्ली में  फ्यूल आयल जो सौ प्रतिशत आता है उसका 49 प्रतिशत NCR या आसपास के इलाको में वापिस जाता है ... इसी तरह फल सब्जी जो सौ प्रतिशत दिल्ली में आई उसमे से 78 प्रतिशत वापिस आसपास के राज्यों में सप्लाई होती है ... आयरन और स्टील जो 100 प्रतिशत दिल्ली आया उसमे से 44 प्रतिशत वापिस बाहरी राज्यों में सप्लाई होता है .. जो सामग्री इतनी बड़ी मात्र में वापिस बाहर जानी है उसे दिल्ली में क्यों लाया गया फिर बाहर भेजा गया ..कितने हजार ट्रक इस वजह दिल्ली में इसे लाने के लिए घुसे फिर वही ह्जओर ट्रक वापिस ले जाने के लिए घुसे .. इन्हें पहले ही बाहर आसपास के राज्यों में रोका जाए वही से सप्लाई बाहर की बाहर हो .. इससे जुड़े लोग भी बाहर पलायन कर वहा जायेगे दुसरे हजारो ट्रको का वजन कम होगा ..
बाईट -- RTI एक्टिविस्ट हरपाल राणा
वी ओ 3
ऐसा नही अपने ये सुझाव RTI एक्टिविस्ट हरपाल राणा  ने सरकारों को नही बताये ये देखिये ये मनमोहन सरकार को भी इन मुद्दों को लेकर पत्र लिख चुके है .. आजादपुर मण्डी में हजारो ट्रक हर रोज आते है और मण्डी को आजादपुर की बजाय NH-1 पर फिफ्ट करने के लिए दिल्ली के ही खामपुर में कई एकड़ जमीन सरकार ने करीब बीस साल पहले ली पर मण्डी वहा आज तक क्यों नही सिफ्ट हुई .. इस बात को लेकर जैसे ही अरविन्द केजरीवाल की सरकार बनी तो ये देखिये ये लैटर RTI एक्टिविस्ट हरपाल राणा  ने तुरंत लिखा .. जिका जवाब आया और आश्वासन आया है पर अम्ल अभी तक कुछ भी नही हुआ ...
बाईट -- RTI एक्टिविस्ट हरपाल राणा
वी ओ 4
अब जरूरत है सरकारे इस मुद्दे पर जागे और गम्भीरता से ले .. साथ ही समाधान भी स्थाई हो अस्थाई नही .......

अनिल अत्री दिल्ली ........

शनिवार, 3 अक्तूबर 2015

ANIL ATTRI DELHI 3

ANIL ATTRI DELHI 3

ANIL ATTRI DELHI 2

ANIL ATTRI DELHI 1

दिल्ली का एक शख्स गंगा में लगाता है लगातार 2100 डूबकी वो भी बिना रुके .. इसे आप जूनून कहेगे या सनकी इंसान .

अनिल अत्री दिल्ली 
-- दिल्ली का एक शख्स गंगा में लगाता है लगातार 2100 डूबकी वो भी बिना रुके .. इसे आप जूनून कहेगे या सनकी इंसान .. इतना जरुर की इन्हें किसी रिकॉर्ड की चाह नही वरना ये रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवा चुके होते .. ये शख्स कई साल से हर महीने अमास्या के दिन दिल्ल्ली से हरिद्वार जाते है और गंगा स्नान करते है और पूरी इक्कीस सौ डूबकी लगाते है ..डूबकी लगाकर बाहर आते वक्त बंद नाक रखकर बीच बीच मुह से लेता रहता है सांस .. 



आज हम आपको इनसे रूबरू करवाते है  इनके  कारनामे के बारे में सुन कर आप उस पर भरोसा नहीं कर सकेंगे ....ज़रा सोचिये आप या आपका कोई जानकार किसी नदी में नहाते समय एक साठ कितनी डूबकी लगा सकते है ... 10 , 20 या 50 पर आज हम आपको दिखाते है की दिल्ली के अलीपुर में रहने वाले कुलदीप मान गंगा जी में नहाते नहाते 100 या 200 नहीं बल्कि लगातार बिना रुके 2100 डुबकियां लगाते है कुलदीप मान हर अमावस्या को हरिद्वार जाते है गंगा जी नहाने के लिए ...और पिछले कई सालों से ये गंगाजी में डूबकिया लगा रहे है शुरुवात में डूब्कियो  की संख्या कम थी थी पर अब कुल्दिप 2100 डुबकियां लगा लेते है वो भी बिना रुके लगातार क्यों हमारी इस बात पर आपको विश्वास नहीं हो रहा ना तो आप खुद ही देखिये की ये कैसे एक के बाद एक लगातार गंगा जी में डुबकियां लगा रहे है .... इनका लक्ष्य है की ये पहले अपने जीवन के दिनों के बराबर दुबकी लगायेंगे और फिर अपनी माता जी के दिनों के बराबर ..डूबकी लगाकर बाहर आते वक्त बंद नाक रखकर बीच बीच मुह से लेता रहता है सांस .. . जैसे जैसे समय गुजरता है वैसे वैसे डूब्कियो  की संख्या भी बढती जा रही है ...
वैसे तो 2100 डुबकियां भी किसी रिकॉर्ड से कम नहीं पर कुलदीप ने कभी रिकॉर्ड की चिंता नहीं की और ना ही कभी किसी रिकॉर्ड में अपने इस कारनामे को दर्ज कराने की कोशिश करी ... फिलहाल कुलदीप मान डुबकियो की संख्या लगातार बढ़ा रहे है ...

शुक्रवार, 2 अक्तूबर 2015

पिछले साल धान का रेट 3000 से 3500 प्रति क्विंटल था अबकी बार मात्र 1450 से 1500 किसान हुए मायुश

पिछले साल धान का रेट 3000 से 3500 प्रति क्विंटल था अबकी बार मात्र 1450 से 1500  किसान हुए मायुश
अनिल अत्री दिल्ली  
 -- पिछले साल से धान का रेट आधे से कम आ गया पर बाजारों में चावल आधे से भी कम रेट सस्ता होना तो दूर की बात पांच रुपये किलो भी सस्ता नही हुआ ।  पिछले साल धान का रेट 3000 से 3500 प्रति क्विंटल था अबकी बार मात्र 1450 से 1500 ....     देश का किसान इन दिनों धान की फसल के दामो को लेकर चिंता में है । धान की फसल की अभी शुरुआत हुई है पर सरकारी दाम से किसान मायुश हो गया है और धान की फसल की लागत तक पूरी होनी हुई मुश्किल । पिछले साल धान की फसल का रेट तीन हजार से पैतीस सौ के बीच रहा था पर अबकी बार सरकारी रेट मात्र पन्द्रह सौ तक होने से किसान मायुश । पिछले साल की तुलना में आधे से भी कम रेट मिलने से किसान दुखी पर लगता है किसानो की समस्या से सरकारो को नही कोई सरोकार ।

ये है दिल्ली के नरेला की अनान मण्डी । मण्डी एशिया की जानी मानी मण्डियों में से एक है । यहाँ दिल्ली के अलावा हरियाणा  पंजाब उत्तर प्रदेश और राजस्थान के किसान फसल लेकर आते है । अब यहाँ धान की शुरुआत हुई है सरकारी रेट से किसान यहाँ ही नही बल्कि पूरे देश में परेशान है । पिछले साल तीन हजार रुपये से पैतीस सौ रुपये क्विंटल बिकने वाला धान अबकी बार चौदह सौ से पन्द्रह सौ मात्र के रेट बिक रहा है । इससे किसानो का खर्च और लागत भी पूरा नही हो पा रहा है । किसान आत्महत्या तक की धमकी देते इस नरेला अनाज मण्डी में मिले ।


बाईट  किसान
बाईट किसान
बाईट - किसान

अब खेती घाटे का कारोबार बन गई है । किसान अपनी ईस दशा पर रो रहा है।  इतने कम भाव का कारण मण्डी अधिकारी विदेशो में डिमांड कम होना और वैश्विक मंदी को मान रहे है । साथ ही ये भी मान रहे है की इस बार आधे से भी कम रेट मिलने के कारण आगे धान की फसल की बुआई किसान काफी कम करेगे ।
बाईट  उमेद सिंह  सचिव नरेला अनाज मण्डी।

धाम के भाव आधे से भी कम हो गए और मण्डी में धान की आज की आवक 34000 बोरी दोपहर तक की है और अभी आवक जारी है । अब यहाँ धान के भाव आधे से भी कम हो गए और किसान रो रहे है पर दुकानों पर रिटेल में भाव आधे ज्यादा कम होने तो दूर पांच रुपये भी कम नही हो रहे है जो किसानो के साथ साथ लोगो के साथ भी धोखा है ।।
अनिल अत्री दिल्ली

सोमवार, 21 सितंबर 2015

देश की राजधानी दिल्ली में 27 दिन बाद मुर्दा हुआ ज़िंदा .... जिसका 27 दिन पहले पोस्ट मार्टम हुआ .. पुलिस ने शव परिजनों को सौपा और अंतिम संस्कार कर दिया गया .

देश की राजधानी दिल्ली में 27 दिन बाद मुर्दा हुआ ज़िंदा .... जिसका 27 दिन पहले पोस्ट मार्टम हुआ .. पुलिस ने शव परिजनों को सौपा और अंतिम संस्कार कर दिया गया ... अस्थिया गढ़ गंगा में बहा दी गई और तेरह दिन तक सब रस्मे हुई ... सभी रिश्तेदार आये .. पूरे परिवार को शोक था .. पूरी कालोनी ने शव को देखा और अंतिम संस्कार किया पर जब एकाएक वही युवक 27 दिन बाद अब घर वापिस आया तो पडोस की महिला तो बेहोश हो गई ... पूरा इलाका हैरान .. घर पर भारी भीड़ .. जो लोग पहले अंतिम संस्कार और शोक प्रकट करने आये वही लोग अब उसी शख्स को देखने को आ रहे है ..  अब सवाल कई खड़े हो गये यदि ये लडका ज़िंदा है तो अंतिम संस्कार किसका कर दिया ... पुलिस ने किसका शव इनको दे दिया .. पोस्टमार्टम के रिकॉर्ड जिनको मार चुके है और शमशान घाट का रिकॉर्ड भी जिसका दाह संस्कार कर चूका है .पर वो शख्स अचानक ज़िंदा आ गया तो सब हैरान है ..बाहरी जिला DCP विक्रमजीत सिंह का कहना की ऐसा मामला आया है इसकी जांच कर रहे है ... 
वी ओ 1
ये है बाहरी दिल्ली का बादली इलाका .. यहा तेईस अगस्त को कुछ चोरो के पीछे लोग भागे और एक चोर को पकड़ लिया ... लोगो ने चोर को पहचान लिया उसी इलाके में कुछ गली दूर का 30 साल का अवधेश था .. अवधेश को पब्लिक ने इतना मारा की उसकी मौत हो गई ... अवधेश के परिजन और पड़ोसी आये सभी ने अच्छी तरह पलट पलटकर देखा की अवधेश ही है ... अवधेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले गई .. पोस्ट मार्टम के वक्त पुलिस ने शिनाख्त करवाई .. अवधेश के हाथ ही तर्जनी ऊँगली कटी थी और पांच पर निशाना था ... डेड बॉडी की भी हाथ की ऊँगली कटी थी और पाँव पर निशाँन था .. परिजन शव को लेकर घर आये .. और विधिपूर्वक शव के अंतिम संस्कार की तैयारी हुई सभी ने अवधेश के शव को अच्छी तरह देखा ....पुलिस ने अज्ञात लोगो के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर शव परिजनों को दे दिया ..  ये देखिये पोस्टमार्टम के कागजात ..ये देखिये शमशान घाट की इनकी रसीद पोस्टमार्टम के रिकॉर्ड जिनको मार चुके है और शमशान घाट का रिकॉर्ड भी जिसका दाह संस्कार कर चूका है .पर वो शख्स अचानक ज़िंदा आ गया तो सब हैरान है ..
बाईट -- रामकुमार ( शमशान घाट केयरटेकर )
बाईट - पड़ोसी
वी ओ 2
शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया .. कर्म  सिंह बेटे की मौत से बहुत दुखी थे .. पूरा परिवार दुखी था ..कर्म सिंह का आचार का कारोबार है और बेटा अवधेश ट्रक ड्राईवर था ... अवधेश की मौत की खबर पर सभी रिश्तेदार घर पर शोक प्रकट करने आये .. पूरा क्रिया कर्म किया गया और अवधेश की अस्थिया गढ़ गंगा जाकर गंगाजल में विसर्जित कर दी गई .. और गरीब परिवार के बीस हजार खर्च हो गये और शोक में अलग डूबे रहे ..तेरह दिन तक काम छोडकर शोक प्रकट किया ..
बाईट - कर्म सिंह ( अवधेश के पिताजी )
वी ओ 3
अब 27 दिन बाद 18 सितम्बर की शाम करीब साधे सात बजे अवधेश अचानक वापिस आ गया रास्ते में जिसने भी देखा वे भूत समझकर भागने लगे .. किसी पडोस के साथी को आवाज दी तो उसकी पत्नी ने देखा और डर गई तभी उसने कहा में भूत नही अवधेश ही हूँ .. तब महिला ने कहा अपनी ऊँगली कटा हाथ दिखाइये और देखा ऊँगली कटी है और जिसका अंतिम संस्कार किया  उसकी भी ऊँगली कटी थी और महिला ने खुद शव देखा था और बेहोश हो गई अभी तक बुखार है ..
बाईट - पड़ोसी ( डरी शमी महिला का पति .) .
वी ओ 4
जब अवधेश घर आया तो कुछ विशावश नही हुआ ,,पूरा अपरिवर चौक गया .. कहा तू मर गया था हमने खुद अंतिम संस्कार किया .. पर अवधेश कहता रहा वो भूत नही बल्कि ज़िंदा है .. और ट्रक ड्राईवर था और बताया लखनऊ ट्रक पर ड्राईवर बनकर गया था और कोई फोन सतह नही रखता .. अब वापिस आया हूँ ..
बाईट .. अवधेश ( मृतक.. समझा शख्स )
बाईट -- कर्म सिंह ( अवधेश के पिताजी )
वी ओ 5
अब दिल्ली पुलिस का कहना है की डेड बॉडी शिनाख्त के बाद दी गई थी अब लडका वापिस आया है इसकी जांच कर रहे है ..
बाईट - विक्रमजीत सिंह DCP बाहरी जिला .
वी ओ 6
अब लड़का वापिस आ गया तो परिजन खुश है ..लोग अवधेश को देखने आ रहे है ..बादली थाना पुलिस भी हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन कर रही थी और पुलिस ने कैसे पूरी वेरिफिकेशन के बिना ये शव इस परिवार को दे दिया .. अवधेश जिन्दा है तो अंतिम संस्कार किसका कर दिया गया ..प्रश्न कई खड़े है जिनका जवाब पुलिस को भी देना होगा ..
..
अनिल अत्री दिल्ली ..

देश की राजधानी दिल्ली में 27 दिन बाद मुर्दा हुआ ज़िंदा .... जिसका 27 दिन पहले पोस्ट मार्टम हुआ .. पुलिस ने शव परिजनों को सौपा और अंतिम संस्कार कर दिया गया

देश की राजधानी दिल्ली में 27 दिन बाद मुर्दा हुआ ज़िंदा .... जिसका 27 दिन पहले पोस्ट मार्टम हुआ .. पुलिस ने शव परिजनों को सौपा और अंतिम संस्कार कर दिया गया ... अस्थिया गढ़ गंगा में बहा दी गई और तेरह दिन तक सब रस्मे हुई ... सभी रिश्तेदार आये .. पूरे परिवार को शोक था .. पूरी कालोनी ने शव को देखा और अंतिम संस्कार किया पर जब एकाएक वही युवक 27 दिन बाद अब घर वापिस आया तो पडोस की महिला तो बेहोश हो गई ... पूरा इलाका हैरान .. घर पर भारी भीड़ .. जो लोग पहले अंतिम संस्कार और शोक प्रकट करने आये वही लोग अब उसी शख्स को देखने को आ रहे है ..  अब सवाल कई खड़े हो गये यदि ये लडका ज़िंदा है तो अंतिम संस्कार किसका कर दिया ... पुलिस ने किसका शव इनको दे दिया .. पोस्टमार्टम के रिकॉर्ड जिनको मार चुके है और शमशान घाट का रिकॉर्ड भी जिसका दाह संस्कार कर चूका है .पर वो शख्स अचानक ज़िंदा आ गया तो सब हैरान है ..बाहरी जिला DCP विक्रमजीत सिंह का कहना की ऐसा मामला आया है इसकी जांच कर रहे है ... 
वी ओ 1
ये है बाहरी दिल्ली का बादली इलाका .. यहा तेईस अगस्त को कुछ चोरो के पीछे लोग भागे और एक चोर को पकड़ लिया ... लोगो ने चोर को पहचान लिया उसी इलाके में कुछ गली दूर का 30 साल का अवधेश था .. अवधेश को पब्लिक ने इतना मारा की उसकी मौत हो गई ... अवधेश के परिजन और पड़ोसी आये सभी ने अच्छी तरह पलट पलटकर देखा की अवधेश ही है ... अवधेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले गई .. पोस्ट मार्टम के वक्त पुलिस ने शिनाख्त करवाई .. अवधेश के हाथ ही तर्जनी ऊँगली कटी थी और पांच पर निशाना था ... डेड बॉडी की भी हाथ की ऊँगली कटी थी और पाँव पर निशाँन था .. परिजन शव को लेकर घर आये .. और विधिपूर्वक शव के अंतिम संस्कार की तैयारी हुई सभी ने अवधेश के शव को अच्छी तरह देखा ....पुलिस ने अज्ञात लोगो के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर शव परिजनों को दे दिया ..  ये देखिये पोस्टमार्टम के कागजात ..ये देखिये शमशान घाट की इनकी रसीद पोस्टमार्टम के रिकॉर्ड जिनको मार चुके है और शमशान घाट का रिकॉर्ड भी जिसका दाह संस्कार कर चूका है .पर वो शख्स अचानक ज़िंदा आ गया तो सब हैरान है ..
बाईट -- रामकुमार ( शमशान घाट केयरटेकर )
बाईट - पड़ोसी
वी ओ 2
शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया .. कर्म  सिंह बेटे की मौत से बहुत दुखी थे .. पूरा परिवार दुखी था ..कर्म सिंह का आचार का कारोबार है और बेटा अवधेश ट्रक ड्राईवर था ... अवधेश की मौत की खबर पर सभी रिश्तेदार घर पर शोक प्रकट करने आये .. पूरा क्रिया कर्म किया गया और अवधेश की अस्थिया गढ़ गंगा जाकर गंगाजल में विसर्जित कर दी गई .. और गरीब परिवार के बीस हजार खर्च हो गये और शोक में अलग डूबे रहे ..तेरह दिन तक काम छोडकर शोक प्रकट किया ..
बाईट - कर्म सिंह ( अवधेश के पिताजी )
वी ओ 3
अब 27 दिन बाद 18 सितम्बर की शाम करीब साधे सात बजे अवधेश अचानक वापिस आ गया रास्ते में जिसने भी देखा वे भूत समझकर भागने लगे .. किसी पडोस के साथी को आवाज दी तो उसकी पत्नी ने देखा और डर गई तभी उसने कहा में भूत नही अवधेश ही हूँ .. तब महिला ने कहा अपनी ऊँगली कटा हाथ दिखाइये और देखा ऊँगली कटी है और जिसका अंतिम संस्कार किया  उसकी भी ऊँगली कटी थी और महिला ने खुद शव देखा था और बेहोश हो गई अभी तक बुखार है ..
बाईट - पड़ोसी ( डरी शमी महिला का पति .) .
वी ओ 4
जब अवधेश घर आया तो कुछ विशावश नही हुआ ,,पूरा अपरिवर चौक गया .. कहा तू मर गया था हमने खुद अंतिम संस्कार किया .. पर अवधेश कहता रहा वो भूत नही बल्कि ज़िंदा है .. और ट्रक ड्राईवर था और बताया लखनऊ ट्रक पर ड्राईवर बनकर गया था और कोई फोन सतह नही रखता .. अब वापिस आया हूँ ..
बाईट .. अवधेश ( मृतक.. समझा शख्स )
बाईट -- कर्म सिंह ( अवधेश के पिताजी )
वी ओ 5
अब दिल्ली पुलिस का कहना है की डेड बॉडी शिनाख्त के बाद दी गई थी अब लडका वापिस आया है इसकी जांच कर रहे है ..
बाईट - विक्रमजीत सिंह DCP बाहरी जिला .
वी ओ 6
अब लड़का वापिस आ गया तो परिजन खुश है ..लोग अवधेश को देखने आ रहे है ..बादली थाना पुलिस भी हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन कर रही थी और पुलिस ने कैसे पूरी वेरिफिकेशन के बिना ये शव इस परिवार को दे दिया .. अवधेश जिन्दा है तो अंतिम संस्कार किसका कर दिया गया ..प्रश्न कई खड़े है जिनका जवाब पुलिस को भी देना होगा ..
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अनिल अत्री दिल्ली ..

देश की राजधानी दिल्ली में 27 दिन बाद मुर्दा हुआ ज़िंदा .... जिसका 27 दिन पहले पोस्ट मार्टम हुआ .. पुलिस ने शव परिजनों को सौपा और अंतिम संस्कार कर दिया गया

देश की राजधानी दिल्ली में 27 दिन बाद मुर्दा हुआ ज़िंदा .... जिसका 27 दिन पहले पोस्ट मार्टम हुआ .. पुलिस ने शव परिजनों को सौपा और अंतिम संस्कार कर दिया गया ... अस्थिया गढ़ गंगा में बहा दी गई और तेरह दिन तक सब रस्मे हुई ... सभी रिश्तेदार आये .. पूरे परिवार को शोक था .. पूरी कालोनी ने शव को देखा और अंतिम संस्कार किया पर जब एकाएक वही युवक 27 दिन बाद अब घर वापिस आया तो पडोस की महिला तो बेहोश हो गई ... पूरा इलाका हैरान .. घर पर भारी भीड़ .. जो लोग पहले अंतिम संस्कार और शोक प्रकट करने आये वही लोग अब उसी शख्स को देखने को आ रहे है ..  अब सवाल कई खड़े हो गये यदि ये लडका ज़िंदा है तो अंतिम संस्कार किसका कर दिया ... पुलिस ने किसका शव इनको दे दिया .. पोस्टमार्टम के रिकॉर्ड जिनको मार चुके है और शमशान घाट का रिकॉर्ड भी जिसका दाह संस्कार कर चूका है .पर वो शख्स अचानक ज़िंदा आ गया तो सब हैरान है ..बाहरी जिला DCP विक्रमजीत सिंह का कहना की ऐसा मामला आया है इसकी जांच कर रहे है ... 
वी ओ 1
ये है बाहरी दिल्ली का बादली इलाका .. यहा तेईस अगस्त को कुछ चोरो के पीछे लोग भागे और एक चोर को पकड़ लिया ... लोगो ने चोर को पहचान लिया उसी इलाके में कुछ गली दूर का 30 साल का अवधेश था .. अवधेश को पब्लिक ने इतना मारा की उसकी मौत हो गई ... अवधेश के परिजन और पड़ोसी आये सभी ने अच्छी तरह पलट पलटकर देखा की अवधेश ही है ... अवधेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले गई .. पोस्ट मार्टम के वक्त पुलिस ने शिनाख्त करवाई .. अवधेश के हाथ ही तर्जनी ऊँगली कटी थी और पांच पर निशाना था ... डेड बॉडी की भी हाथ की ऊँगली कटी थी और पाँव पर निशाँन था .. परिजन शव को लेकर घर आये .. और विधिपूर्वक शव के अंतिम संस्कार की तैयारी हुई सभी ने अवधेश के शव को अच्छी तरह देखा ....पुलिस ने अज्ञात लोगो के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर शव परिजनों को दे दिया ..  ये देखिये पोस्टमार्टम के कागजात ..ये देखिये शमशान घाट की इनकी रसीद पोस्टमार्टम के रिकॉर्ड जिनको मार चुके है और शमशान घाट का रिकॉर्ड भी जिसका दाह संस्कार कर चूका है .पर वो शख्स अचानक ज़िंदा आ गया तो सब हैरान है ..
बाईट -- रामकुमार ( शमशान घाट केयरटेकर )
बाईट - पड़ोसी
वी ओ 2
शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया .. कर्म  सिंह बेटे की मौत से बहुत दुखी थे .. पूरा परिवार दुखी था ..कर्म सिंह का आचार का कारोबार है और बेटा अवधेश ट्रक ड्राईवर था ... अवधेश की मौत की खबर पर सभी रिश्तेदार घर पर शोक प्रकट करने आये .. पूरा क्रिया कर्म किया गया और अवधेश की अस्थिया गढ़ गंगा जाकर गंगाजल में विसर्जित कर दी गई .. और गरीब परिवार के बीस हजार खर्च हो गये और शोक में अलग डूबे रहे ..तेरह दिन तक काम छोडकर शोक प्रकट किया ..
बाईट - कर्म सिंह ( अवधेश के पिताजी )
वी ओ 3
अब 27 दिन बाद 18 सितम्बर की शाम करीब साधे सात बजे अवधेश अचानक वापिस आ गया रास्ते में जिसने भी देखा वे भूत समझकर भागने लगे .. किसी पडोस के साथी को आवाज दी तो उसकी पत्नी ने देखा और डर गई तभी उसने कहा में भूत नही अवधेश ही हूँ .. तब महिला ने कहा अपनी ऊँगली कटा हाथ दिखाइये और देखा ऊँगली कटी है और जिसका अंतिम संस्कार किया  उसकी भी ऊँगली कटी थी और महिला ने खुद शव देखा था और बेहोश हो गई अभी तक बुखार है ..
बाईट - पड़ोसी ( डरी शमी महिला का पति .) .
वी ओ 4
जब अवधेश घर आया तो कुछ विशावश नही हुआ ,,पूरा अपरिवर चौक गया .. कहा तू मर गया था हमने खुद अंतिम संस्कार किया .. पर अवधेश कहता रहा वो भूत नही बल्कि ज़िंदा है .. और ट्रक ड्राईवर था और बताया लखनऊ ट्रक पर ड्राईवर बनकर गया था और कोई फोन सतह नही रखता .. अब वापिस आया हूँ ..
बाईट .. अवधेश ( मृतक.. समझा शख्स )
बाईट -- कर्म सिंह ( अवधेश के पिताजी )
वी ओ 5
अब दिल्ली पुलिस का कहना है की डेड बॉडी शिनाख्त के बाद दी गई थी अब लडका वापिस आया है इसकी जांच कर रहे है ..
बाईट - विक्रमजीत सिंह DCP बाहरी जिला .
वी ओ 6
अब लड़का वापिस आ गया तो परिजन खुश है ..लोग अवधेश को देखने आ रहे है ..बादली थाना पुलिस भी हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन कर रही थी और पुलिस ने कैसे पूरी वेरिफिकेशन के बिना ये शव इस परिवार को दे दिया .. अवधेश जिन्दा है तो अंतिम संस्कार किसका कर दिया गया ..प्रश्न कई खड़े है जिनका जवाब पुलिस को भी देना होगा ..
..
अनिल अत्री दिल्ली ..

देश की राजधानी दिल्ली में 27 दिन बाद मुर्दा हुआ ज़िंदा .... जिसका 27 दिन पहले पोस्ट मार्टम हुआ .. पुलिस ने शव परिजनों को सौपा और अंतिम संस्कार कर दिया गया ..

देश की राजधानी दिल्ली में 27 दिन बाद मुर्दा हुआ ज़िंदा .... जिसका 27 दिन पहले पोस्ट मार्टम हुआ .. पुलिस ने शव परिजनों को सौपा और अंतिम संस्कार कर दिया गया ... अस्थिया गढ़ गंगा में बहा दी गई और तेरह दिन तक सब रस्मे हुई ... सभी रिश्तेदार आये .. पूरे परिवार को शोक था .. पूरी कालोनी ने शव को देखा और अंतिम संस्कार किया पर जब एकाएक वही युवक 27 दिन बाद अब घर वापिस आया तो पडोस की महिला तो बेहोश हो गई ... पूरा इलाका हैरान .. घर पर भारी भीड़ .. जो लोग पहले अंतिम संस्कार और शोक प्रकट करने आये वही लोग अब उसी शख्स को देखने को आ रहे है ..  अब सवाल कई खड़े हो गये यदि ये लडका ज़िंदा है तो अंतिम संस्कार किसका कर दिया ... पुलिस ने किसका शव इनको दे दिया .. पोस्टमार्टम के रिकॉर्ड जिनको मार चुके है और शमशान घाट का रिकॉर्ड भी जिसका दाह संस्कार कर चूका है .पर वो शख्स अचानक ज़िंदा आ गया तो सब हैरान है ..बाहरी जिला DCP विक्रमजीत सिंह का कहना की ऐसा मामला आया है इसकी जांच कर रहे है ... 
वी ओ 1
ये है बाहरी दिल्ली का बादली इलाका .. यहा तेईस अगस्त को कुछ चोरो के पीछे लोग भागे और एक चोर को पकड़ लिया ... लोगो ने चोर को पहचान लिया उसी इलाके में कुछ गली दूर का 30 साल का अवधेश था .. अवधेश को पब्लिक ने इतना मारा की उसकी मौत हो गई ... अवधेश के परिजन और पड़ोसी आये सभी ने अच्छी तरह पलट पलटकर देखा की अवधेश ही है ... अवधेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले गई .. पोस्ट मार्टम के वक्त पुलिस ने शिनाख्त करवाई .. अवधेश के हाथ ही तर्जनी ऊँगली कटी थी और पांच पर निशाना था ... डेड बॉडी की भी हाथ की ऊँगली कटी थी और पाँव पर निशाँन था .. परिजन शव को लेकर घर आये .. और विधिपूर्वक शव के अंतिम संस्कार की तैयारी हुई सभी ने अवधेश के शव को अच्छी तरह देखा ....पुलिस ने अज्ञात लोगो के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर शव परिजनों को दे दिया ..  ये देखिये पोस्टमार्टम के कागजात ..ये देखिये शमशान घाट की इनकी रसीद पोस्टमार्टम के रिकॉर्ड जिनको मार चुके है और शमशान घाट का रिकॉर्ड भी जिसका दाह संस्कार कर चूका है .पर वो शख्स अचानक ज़िंदा आ गया तो सब हैरान है ..
बाईट -- रामकुमार ( शमशान घाट केयरटेकर )
बाईट - पड़ोसी
वी ओ 2
शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया .. कर्म  सिंह बेटे की मौत से बहुत दुखी थे .. पूरा परिवार दुखी था ..कर्म सिंह का आचार का कारोबार है और बेटा अवधेश ट्रक ड्राईवर था ... अवधेश की मौत की खबर पर सभी रिश्तेदार घर पर शोक प्रकट करने आये .. पूरा क्रिया कर्म किया गया और अवधेश की अस्थिया गढ़ गंगा जाकर गंगाजल में विसर्जित कर दी गई .. और गरीब परिवार के बीस हजार खर्च हो गये और शोक में अलग डूबे रहे ..तेरह दिन तक काम छोडकर शोक प्रकट किया ..
बाईट - कर्म सिंह ( अवधेश के पिताजी )
वी ओ 3
अब 27 दिन बाद 18 सितम्बर की शाम करीब साधे सात बजे अवधेश अचानक वापिस आ गया रास्ते में जिसने भी देखा वे भूत समझकर भागने लगे .. किसी पडोस के साथी को आवाज दी तो उसकी पत्नी ने देखा और डर गई तभी उसने कहा में भूत नही अवधेश ही हूँ .. तब महिला ने कहा अपनी ऊँगली कटा हाथ दिखाइये और देखा ऊँगली कटी है और जिसका अंतिम संस्कार किया  उसकी भी ऊँगली कटी थी और महिला ने खुद शव देखा था और बेहोश हो गई अभी तक बुखार है ..
बाईट - पड़ोसी ( डरी शमी महिला का पति .) .
वी ओ 4
जब अवधेश घर आया तो कुछ विशावश नही हुआ ,,पूरा अपरिवर चौक गया .. कहा तू मर गया था हमने खुद अंतिम संस्कार किया .. पर अवधेश कहता रहा वो भूत नही बल्कि ज़िंदा है .. और ट्रक ड्राईवर था और बताया लखनऊ ट्रक पर ड्राईवर बनकर गया था और कोई फोन सतह नही रखता .. अब वापिस आया हूँ ..
बाईट .. अवधेश ( मृतक.. समझा शख्स )
बाईट -- कर्म सिंह ( अवधेश के पिताजी )
वी ओ 5
अब दिल्ली पुलिस का कहना है की डेड बॉडी शिनाख्त के बाद दी गई थी अब लडका वापिस आया है इसकी जांच कर रहे है ..
बाईट - विक्रमजीत सिंह DCP बाहरी जिला .
वी ओ 6
अब लड़का वापिस आ गया तो परिजन खुश है ..लोग अवधेश को देखने आ रहे है ..बादली थाना पुलिस भी हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन कर रही थी और पुलिस ने कैसे पूरी वेरिफिकेशन के बिना ये शव इस परिवार को दे दिया .. अवधेश जिन्दा है तो अंतिम संस्कार किसका कर दिया गया ..प्रश्न कई खड़े है जिनका जवाब पुलिस को भी देना होगा ..
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अनिल अत्री दिल्ली ..

देश की राजधानी दिल्ली में 27 दिन बाद मुर्दा हुआ ज़िंदा .... जिसका 27 दिन पहले पोस्ट मार्टम हुआ .. पुलिस ने शव परिजनों को सौपा और अंतिम संस्कार कर दिया गया ..

देश की राजधानी दिल्ली में 27 दिन बाद मुर्दा हुआ ज़िंदा .... जिसका 27 दिन पहले पोस्ट मार्टम हुआ .. पुलिस ने शव परिजनों को सौपा और अंतिम संस्कार कर दिया गया ... अस्थिया गढ़ गंगा में बहा दी गई और तेरह दिन तक सब रस्मे हुई ... सभी रिश्तेदार आये .. पूरे परिवार को शोक था .. पूरी कालोनी ने शव को देखा और अंतिम संस्कार किया पर जब एकाएक वही युवक 27 दिन बाद अब घर वापिस आया तो पडोस की महिला तो बेहोश हो गई ... पूरा इलाका हैरान .. घर पर भारी भीड़ .. जो लोग पहले अंतिम संस्कार और शोक प्रकट करने आये वही लोग अब उसी शख्स को देखने को आ रहे है ..  अब सवाल कई खड़े हो गये यदि ये लडका ज़िंदा है तो अंतिम संस्कार किसका कर दिया ... पुलिस ने किसका शव इनको दे दिया .. पोस्टमार्टम के रिकॉर्ड जिनको मार चुके है और शमशान घाट का रिकॉर्ड भी जिसका दाह संस्कार कर चूका है .पर वो शख्स अचानक ज़िंदा आ गया तो सब हैरान है ..बाहरी जिला DCP विक्रमजीत सिंह का कहना की ऐसा मामला आया है इसकी जांच कर रहे है ... 
वी ओ 1
ये है बाहरी दिल्ली का बादली इलाका .. यहा तेईस अगस्त को कुछ चोरो के पीछे लोग भागे और एक चोर को पकड़ लिया ... लोगो ने चोर को पहचान लिया उसी इलाके में कुछ गली दूर का 30 साल का अवधेश था .. अवधेश को पब्लिक ने इतना मारा की उसकी मौत हो गई ... अवधेश के परिजन और पड़ोसी आये सभी ने अच्छी तरह पलट पलटकर देखा की अवधेश ही है ... अवधेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले गई .. पोस्ट मार्टम के वक्त पुलिस ने शिनाख्त करवाई .. अवधेश के हाथ ही तर्जनी ऊँगली कटी थी और पांच पर निशाना था ... डेड बॉडी की भी हाथ की ऊँगली कटी थी और पाँव पर निशाँन था .. परिजन शव को लेकर घर आये .. और विधिपूर्वक शव के अंतिम संस्कार की तैयारी हुई सभी ने अवधेश के शव को अच्छी तरह देखा ....पुलिस ने अज्ञात लोगो के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर शव परिजनों को दे दिया ..  ये देखिये पोस्टमार्टम के कागजात ..ये देखिये शमशान घाट की इनकी रसीद पोस्टमार्टम के रिकॉर्ड जिनको मार चुके है और शमशान घाट का रिकॉर्ड भी जिसका दाह संस्कार कर चूका है .पर वो शख्स अचानक ज़िंदा आ गया तो सब हैरान है ..
बाईट -- रामकुमार ( शमशान घाट केयरटेकर )
बाईट - पड़ोसी
वी ओ 2
शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया .. कर्म  सिंह बेटे की मौत से बहुत दुखी थे .. पूरा परिवार दुखी था ..कर्म सिंह का आचार का कारोबार है और बेटा अवधेश ट्रक ड्राईवर था ... अवधेश की मौत की खबर पर सभी रिश्तेदार घर पर शोक प्रकट करने आये .. पूरा क्रिया कर्म किया गया और अवधेश की अस्थिया गढ़ गंगा जाकर गंगाजल में विसर्जित कर दी गई .. और गरीब परिवार के बीस हजार खर्च हो गये और शोक में अलग डूबे रहे ..तेरह दिन तक काम छोडकर शोक प्रकट किया ..
बाईट - कर्म सिंह ( अवधेश के पिताजी )
वी ओ 3
अब 27 दिन बाद 18 सितम्बर की शाम करीब साधे सात बजे अवधेश अचानक वापिस आ गया रास्ते में जिसने भी देखा वे भूत समझकर भागने लगे .. किसी पडोस के साथी को आवाज दी तो उसकी पत्नी ने देखा और डर गई तभी उसने कहा में भूत नही अवधेश ही हूँ .. तब महिला ने कहा अपनी ऊँगली कटा हाथ दिखाइये और देखा ऊँगली कटी है और जिसका अंतिम संस्कार किया  उसकी भी ऊँगली कटी थी और महिला ने खुद शव देखा था और बेहोश हो गई अभी तक बुखार है ..
बाईट - पड़ोसी ( डरी शमी महिला का पति .) .
वी ओ 4
जब अवधेश घर आया तो कुछ विशावश नही हुआ ,,पूरा अपरिवर चौक गया .. कहा तू मर गया था हमने खुद अंतिम संस्कार किया .. पर अवधेश कहता रहा वो भूत नही बल्कि ज़िंदा है .. और ट्रक ड्राईवर था और बताया लखनऊ ट्रक पर ड्राईवर बनकर गया था और कोई फोन सतह नही रखता .. अब वापिस आया हूँ ..
बाईट .. अवधेश ( मृतक.. समझा शख्स )
बाईट -- कर्म सिंह ( अवधेश के पिताजी )
वी ओ 5
अब दिल्ली पुलिस का कहना है की डेड बॉडी शिनाख्त के बाद दी गई थी अब लडका वापिस आया है इसकी जांच कर रहे है ..
बाईट - विक्रमजीत सिंह DCP बाहरी जिला .
वी ओ 6
अब लड़का वापिस आ गया तो परिजन खुश है ..लोग अवधेश को देखने आ रहे है ..बादली थाना पुलिस भी हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन कर रही थी और पुलिस ने कैसे पूरी वेरिफिकेशन के बिना ये शव इस परिवार को दे दिया .. अवधेश जिन्दा है तो अंतिम संस्कार किसका कर दिया गया ..प्रश्न कई खड़े है जिनका जवाब पुलिस को भी देना होगा ..
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अनिल अत्री दिल्ली ..

देश की राजधानी दिल्ली में 27 दिन बाद मुर्दा हुआ ज़िंदा .... जिसका 27 दिन पहले पोस्ट मार्टम हुआ .. पुलिस ने शव परिजनों को सौपा और अंतिम संस्कार कर दिया गया ..

देश की राजधानी दिल्ली में 27 दिन बाद मुर्दा हुआ ज़िंदा .... जिसका 27 दिन पहले पोस्ट मार्टम हुआ .. पुलिस ने शव परिजनों को सौपा और अंतिम संस्कार कर दिया गया ... अस्थिया गढ़ गंगा में बहा दी गई और तेरह दिन तक सब रस्मे हुई ... सभी रिश्तेदार आये .. पूरे परिवार को शोक था .. पूरी कालोनी ने शव को देखा और अंतिम संस्कार किया पर जब एकाएक वही युवक 27 दिन बाद अब घर वापिस आया तो पडोस की महिला तो बेहोश हो गई ... पूरा इलाका हैरान .. घर पर भारी भीड़ .. जो लोग पहले अंतिम संस्कार और शोक प्रकट करने आये वही लोग अब उसी शख्स को देखने को आ रहे है ..  अब सवाल कई खड़े हो गये यदि ये लडका ज़िंदा है तो अंतिम संस्कार किसका कर दिया ... पुलिस ने किसका शव इनको दे दिया .. पोस्टमार्टम के रिकॉर्ड जिनको मार चुके है और शमशान घाट का रिकॉर्ड भी जिसका दाह संस्कार कर चूका है .पर वो शख्स अचानक ज़िंदा आ गया तो सब हैरान है ..बाहरी जिला DCP विक्रमजीत सिंह का कहना की ऐसा मामला आया है इसकी जांच कर रहे है ... 
वी ओ 1
ये है बाहरी दिल्ली का बादली इलाका .. यहा तेईस अगस्त को कुछ चोरो के पीछे लोग भागे और एक चोर को पकड़ लिया ... लोगो ने चोर को पहचान लिया उसी इलाके में कुछ गली दूर का 30 साल का अवधेश था .. अवधेश को पब्लिक ने इतना मारा की उसकी मौत हो गई ... अवधेश के परिजन और पड़ोसी आये सभी ने अच्छी तरह पलट पलटकर देखा की अवधेश ही है ... अवधेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले गई .. पोस्ट मार्टम के वक्त पुलिस ने शिनाख्त करवाई .. अवधेश के हाथ ही तर्जनी ऊँगली कटी थी और पांच पर निशाना था ... डेड बॉडी की भी हाथ की ऊँगली कटी थी और पाँव पर निशाँन था .. परिजन शव को लेकर घर आये .. और विधिपूर्वक शव के अंतिम संस्कार की तैयारी हुई सभी ने अवधेश के शव को अच्छी तरह देखा ....पुलिस ने अज्ञात लोगो के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर शव परिजनों को दे दिया ..  ये देखिये पोस्टमार्टम के कागजात ..ये देखिये शमशान घाट की इनकी रसीद पोस्टमार्टम के रिकॉर्ड जिनको मार चुके है और शमशान घाट का रिकॉर्ड भी जिसका दाह संस्कार कर चूका है .पर वो शख्स अचानक ज़िंदा आ गया तो सब हैरान है ..
बाईट -- रामकुमार ( शमशान घाट केयरटेकर )
बाईट - पड़ोसी
वी ओ 2
शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया .. कर्म  सिंह बेटे की मौत से बहुत दुखी थे .. पूरा परिवार दुखी था ..कर्म सिंह का आचार का कारोबार है और बेटा अवधेश ट्रक ड्राईवर था ... अवधेश की मौत की खबर पर सभी रिश्तेदार घर पर शोक प्रकट करने आये .. पूरा क्रिया कर्म किया गया और अवधेश की अस्थिया गढ़ गंगा जाकर गंगाजल में विसर्जित कर दी गई .. और गरीब परिवार के बीस हजार खर्च हो गये और शोक में अलग डूबे रहे ..तेरह दिन तक काम छोडकर शोक प्रकट किया ..
बाईट - कर्म सिंह ( अवधेश के पिताजी )
वी ओ 3
अब 27 दिन बाद 18 सितम्बर की शाम करीब साधे सात बजे अवधेश अचानक वापिस आ गया रास्ते में जिसने भी देखा वे भूत समझकर भागने लगे .. किसी पडोस के साथी को आवाज दी तो उसकी पत्नी ने देखा और डर गई तभी उसने कहा में भूत नही अवधेश ही हूँ .. तब महिला ने कहा अपनी ऊँगली कटा हाथ दिखाइये और देखा ऊँगली कटी है और जिसका अंतिम संस्कार किया  उसकी भी ऊँगली कटी थी और महिला ने खुद शव देखा था और बेहोश हो गई अभी तक बुखार है ..
बाईट - पड़ोसी ( डरी शमी महिला का पति .) .
वी ओ 4
जब अवधेश घर आया तो कुछ विशावश नही हुआ ,,पूरा अपरिवर चौक गया .. कहा तू मर गया था हमने खुद अंतिम संस्कार किया .. पर अवधेश कहता रहा वो भूत नही बल्कि ज़िंदा है .. और ट्रक ड्राईवर था और बताया लखनऊ ट्रक पर ड्राईवर बनकर गया था और कोई फोन सतह नही रखता .. अब वापिस आया हूँ ..
बाईट .. अवधेश ( मृतक.. समझा शख्स )
बाईट -- कर्म सिंह ( अवधेश के पिताजी )
वी ओ 5
अब दिल्ली पुलिस का कहना है की डेड बॉडी शिनाख्त के बाद दी गई थी अब लडका वापिस आया है इसकी जांच कर रहे है ..
बाईट - विक्रमजीत सिंह DCP बाहरी जिला .
वी ओ 6
अब लड़का वापिस आ गया तो परिजन खुश है ..लोग अवधेश को देखने आ रहे है ..बादली थाना पुलिस भी हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन कर रही थी और पुलिस ने कैसे पूरी वेरिफिकेशन के बिना ये शव इस परिवार को दे दिया .. अवधेश जिन्दा है तो अंतिम संस्कार किसका कर दिया गया ..प्रश्न कई खड़े है जिनका जवाब पुलिस को भी देना होगा ..
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अनिल अत्री दिल्ली ..

गुरुवार, 27 अगस्त 2015

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनावों के नामाकंन से पहले ही 16 FIR दर्ज और सात गाडियाँ जब्त .


 दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनावों के नामाकंन से पहले ही 16 FIR दर्ज और सात गाडियाँ  जब्त .
अनिल अत्री .
आने वाली 11 सितंबर को दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ का चुनाव होना है। दिल्ली यूनिवर्सिटी देश की नंबर एक यूनिवर्सिटी मानी जाती है। समाज से लेकर राजनीति तक में इसका खासा दखल है। दिल्ली यूनिवर्सिटी को राजनीति की नर्सरी भी कहा जाता है. आज के कई बड़े नेता डीयू में छात्रसंघ चुनावों में किस्मत आजमा चुके हैं। इस बार का छात्रसंघ चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है। इस बार आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन भी चुनाव में उतर रहा है। दो सितम्बर को नोमिनेशन होंगे चार सितम्बर को नाम वापसी ले सकेगे ..और ग्यारह सितम्बर को वोट डाले जायेगे .. लेकिन अभी तक चुनाव प्रत्यासी घोषित नही पर जमकर चुनाव प्रचार शुरू हो गया साथ ही आचार संहिता उलघन भी खूब हो रहा है .. अभी तक कैम्पस के आसपास पोस्टरबाजी और बैनरों को लेकर आसपास के थानों में सोलह मुकद्दमे दर्ज हो चुके है और सात गाडिया जब्त की गई है ... अकेले मोरीस नगर थाणे की बात की जाए तो इसमें छे मामले दर्ज हो चूके है .जिनमे दो मामले ABVP पर एक मामला NSUI पर एक ही मामला CYSS पर दर्ज हुआ है और ये संगठन खुद सरेआम नियमो  उलघन कर रहे है और आरोप दुसरे संगठनो पर साजिस का लगा रहे है ...
..
ये देखिये देश की नामी यूनिवर्सिटी ..दिल्ली यूनिवर्सिटी .. यहा छात्र संघ चुनाव का बिगुल बज चूका है .. और छात्र संगठनो ने चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है .. बड़े बड़े नेता भी अपने अपने छात्र संगठनो के प्रचार के लिए यूनिवर्सिटी में और अपने अपने एरिया में छात्रो के बीच जाकर अपने अपने छात्र संगठनो  का प्रचार कर रहे है ... देखिये बिजली के पोल .. स्ट्रीट लाइटो के पोल .. दीवारे .. फूटपाथ सब पोस्टरों से भरे पड़े है ... पोस्टरबाजी पर बैन भले ही हो पर यहा देखिये कोई कौना पोस्टरबाजी से नही बचा .. चुनाव आचार संहिता की कड़ी नजर दिल्ली यूनिवर्सिटी पर होती है .पर जबतक प्रत्यासियो की घोषणा नही हो जाती तब तक पोस्टर लगाते वक्त रंगे हाथो पकड़े जाने वालो के खिलाफ ही मामले दर्ज हो रहे है .. पुलिस रात को गस्त करती है और सरकारी सम्पतियो पर पोस्टरबाजी करते लोगो को रंगे हाथो पकड़ा  है .. खासकर मेट्रो स्टेशन और  विधानसभा पर पोस्टर लगाते पकड़े गये है .. .. अभी तक कैम्पस के आसपास पोस्टरबाजी और बैनरों को लेकर आसपास के थानों में सोलह मुकद्दमे दर्ज हो चुके है और सात गाडिया जब्त की गई है ...
बाईट - मधुर वर्मा ( DCP नार्थ दिल्ली )

पोस्टरबाजी कर सरकारी सम्पति को गंदा करने वालो के खिलाफ की गई इस FIR में एक साल की सजा या पचास हजार जुर्माना या दोनों हो सकते है ...अकेले मोरीस नगर थाणे की बात की जाए तो इसमें छे मामले दर्ज हो चूके है .जिनमे दो मामले ABVP पर एक मामला NSUI पर एक ही मामला CYSS पर दर्ज हुआ है और ये संगठन खुद सरेआम नियमो  उलघन कर रहे है और आरोप दुसरे संगठनो पर साजिस का लगा रहे है ...
बाईट -  छात्र नेता ABVP .. 
बाईट - छात्र नेता NSUI ...
.

दिल्ली यूनिवर्सिटी में अब तक बीजेपी समर्थित एबीवीपी और कोंग्रेस समर्थित एनएसयूआई का ही दबदबा देखने को मिलता रहा है। पिछले चुनाव में बीजेपी के छात्र संगठन एबीवीपी ने चार में से तीन सीटों पर कब्जा किया था। वहीं इस बार भी एबीवीपी और एनएसयूआई में टक्कर की उम्मीद थी लेकिन आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन CYSS ने चुनाव में उतरने का फैसला लेकर उनके समीकरणों को बिगाड़ दिया है।  सीवाईएसएस आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन है। इसने पहले से ही प्रचार शुरू कर दिया है। आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेता डीयू का सेशन शुरू होने वाले दिन छात्रों का स्वागत करते दिखे। AAP के विधायक इस सेशन के शुरुआत में कैम्पस में गये और नये छात्रो के वैलकम के बहाने छात्रो में अपने संगठन की पैठ बनानी चाही ... ये आम आदमी पार्टी की रणनीति है वो दिल्ली में सभी जगहों पर खुद को स्थापित करना चाहती है। दिल्ली विधानसभा में 67 सीटें जीतने के बाद आप की नजरें डीयू और उसके बाद एमसीडी पर लगी हैं।  अब इतना जरुर है की यूनिवर्सिटी से राजनीति की शुरुआत होती है पर यहा इन चुनावों में छात्रो को राजनीति सीखने के साथ साथ चुनाव आचार संहिता जैसे नियमो के पालन भी सिखने चाहिए .. अब जरूरत है प्रशासन भी छात्र संगठनो के इन चुनावों में सख्ती से काम ले क्योकि छात्र सगठनों के चुनाव अधिकतर जगह हिंसक हो जाते है ....
....
अनिल अत्री दिल्ली .......................


दिल्ली में कैदियों में गेंगवार दो की हत्या ..

.. देश की राजधानी दिल्ली में बदमासो की गेंगवार इस कदर की इसके चलते तिहाड़ जेल के कैदियों ने दो कैदियों की हत्या कर दी ... मंगलवार को दिल्ली के रोहिणी कोर्ट से तिहाड़ जेल जा रही कैदियों की वैन में कैदियों के दो गुटो का  आपस में हुआ झगड़ा । आपसी झगड़ा नीरज बवानीया गैंग और नीतू दाबोदिया गैंग में हुआ । दोनों गैंग के खूंखार अपराधी एक ही वैन में थे और सभी हत्या के मामले में जेल में बन्द है । नीतू दाबोदिया गैंग के दो लोगो की इस वैन में हुई गैंगवार में मौत हो गई । बाहरी जिला पुलिस ने इन खूंखार कैदियों को इस मामले में रोहिणी कोर्ट में पेश किया पर कोर्ट के आसपास दोनों पक्षों के लोग होने की आशंका के चलते इन कैदियों को रोहिणी कोर्ट की लोकअप से कोर्ट रूम तक ले जाने में भी खतरा था ..इसलिए पुलिस ने जज साहब को लिखित में अप्लिकेशन देकर लोकअप रूम में ही सुनवाई की मनाग की .. पुलिस ने बार एप्लीकेशन देकर सुरक्षा कारणों का हवाला दिया आखिरकार इसके बाद खुद कोर्ट कोर्ट रूम से चलकर लोकअप में आई और वहीं पर सुनवाई हुई ..कोर्ट ने दो कैदियों की हत्या करने वाले इन सातो आरोपियों को नौ सितम्बर तक ज्युडिशियल कसटीडी में भेज दिया है ..
वी ओ 1
ये शव है नीतू दाबोदिया गेंग के कुख्यात अपराधी प्रदीप और पारस @गोल्डी के ।  इन्हें पुलिस वैन में रोहिणी कोर्ट से तिहाड़ जेल ले जाया जा रहा था । एक ही वैन में नौ कैदी थी । जिनमे दो अलग अलग गुटो के थे । नीरज बवानीया भी इसी वैन में था दोनों गुटो में झगड़ा हुआ  ।  पुलिस वैन में दोनों को सिर पर कूद कूदकर बेरहमी से मारा गया है । पुलिस की इस वैन में जो नौ कैदी थे सभी हत्या के मामलों में बंद थे ... कई राज्यों में इनका आतंक है और जेल से ही ये खूखार लोग अपनी गेंग चला रहे है और अवैध वसूली जैसे काम कर रहे है .. कैदियों की इस वैन में कैदियों के कैबिन के आगे पीछे हथियारों के साथ पुलिस के जवान थे .. पर किसी ने कोई फायरिंग भी नही की न ही बेहोशी का स्प्रे किया .. नीतू दाबोदिया गेंग के दोनों कैदी प्रदीप और पारस पुलिस से छुडवाने की भीख मांगते रहे पर नीरज बवानिया और उसके छे दुसरे कैदी साथियों ने गला कपड़े दबाकर और सिर में चोट मारकर बेरहमी से इन कैदियों को मार डाला ..पुलिस का कहना है की पूरी वारदात की साजिश तीन महीने पहले इस ग्रुप ने रची थी ... मेन शिकार पारस था ..नीतू दाबोदिया के बाद पारस ही इस गेंग को चला रहा था .. उसकी अगुवाई में नीरज बवानिया गेंग के पंडित की हत्या की गई थी जिसका बदला लेने के लिए नीरज बवानिया और उसके साथियों ने इस वारदात को अंजाम दिया जिसमे पारस के साथ प्रदीप भी मारा गया ..
बाईट - विक्रमजीत सिंह DCP बाहरी दिल्ली ..


वी ओ 2
रोहिणी कोर्ट में पुलिस जबरदस्त बन्दोबस्त में आरोपियों को रोहिणी  कोर्ट की लोकअप में लाइ .. इन सात में खुद नीरज बवानिया भी शामिल था .दुसरे गिरोह से हमले की आशंका देखते हुए इन सातो को कोर्ट रूम में नही ले जाया गया बल्कि पुलिस ने जज साहब को लोकअप रूम में सुनवाई के लिए अर्जी लगाई ... जज साहब ने पहले तो पुलिस की अर्जी खारिज की लेकिन दूसरी बार सुरक्षा के लिहाज से अनुरोध की ये अर्जी कोर्ट ने स्वीकार कर ली और खुद कोर्ट चलकर लोकअप रूम में आई और वही सुनवाई हुई ... रामबीर शौक़ीन गेंग की तरफ के वकील ने जेल में सुरक्षा मांगी ताकि इनपर कोई हमला न हो जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया .. और नौ सितम्बर तक सातो आरोपियों को ज्युडिशियल कसटीडी भेज दिया
 बाईट - संदीप कुमार ( वकील नीरज बवानिया )
वी ओ 3
अब सवाल कई खड़े होते है की उस वक्त वैन में दूसरे पुलिसकर्मियो ने क्यों नही बचाया ?
अलग अलग गैंग के लोग एक ही वैन में कैसे लाये गए वे भी सभी मर्डर केस के अपराधी  ?
एक ही वैन में लाने के पीछे और इस हमले के पीछे कोई साजिस तो नही जिसमे कोई जेल अधिकारी भी शामिल हो ?
इस तरह के कैदियों की वेंन में पुलिसकर्मियों के पास बेहोशी का स्प्रे होता है जिसे चलाकर उनके कैबिन की जाली से पुलिस उन्हें बेहोश कर सके उस स्प्रे से इनको बेहोश कर इन कैदियों की क्यों नही मर्डर से बचाया ...
एक गुट के साथ और दुसर गुट के मात्र दो कैदी एक साथ वेंन के कैबिन में बंद किये वे भी वो लोग जो एक दुसरे के जानी दुश्मन थे और इसके चलते तिहाड़ में भी इनको अलग अलग वार्ड में रखा गया है ...
मारे गये कैदियों ने पिछले दिनों दिल्ली हरियाणा बोर्डर पर चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी रामकिशन की हत्या की थी कहीं पुलिस अपने जवान के हत्यारों को इस अंजाम तक तो नही पहुंचाना चाहती थी ..
अब दिल्ली पुलिस अपने ही विभाग की इसमें मिलीभगत के लिहाज से जांच कर रही है पर घटना से साफ़ है की अपराध की दुनिया की उम्र लम्बी नही यदि वो कानून से कुछ वक्त बच भी गये तो बाहर की दुनिया से भी इनका बचना आसान नही होता ...
अनिल अत्री दिल्ली


रविवार, 16 अगस्त 2015

बादली में बने नए मेट्रो स्टेशन के नामकरण को लेकर विवाद ..

बादली में बने नए मेट्रो स्टेशन के नामकरण को लेकर विवाद .. इस स्टेशन का नाम दो बार नाम हो चुका है चेंज .. आज बादली में बीजेपी के कार्यर्क्ताओ ने सडक जाम कर प्रोटेस्ट किया और अरविन्द केजरीवाल का पुतला फूंका ..  बादली के पा

स बन रहे मेट्रो स्टेशन का नाम हैदरपुर मेट्रो स्टेशन करने का विरोध कर रहे है .. इनकी मांग है की जिस जमीन में मेट्रो स्टेशन बन रहा है वो जमीन बादली गाँव की है और इस स्टेशन का नाम बादली मोड़ मेट्रो स्टेशन किया जाए ..
ये है दिल्ली के जहागीरपूरी से आगे बढाया गया मेट्रो स्टेशन .. इस लाइन पर ट्रेल पर मेट्रो का चलन चल रहा है जबकि पब्लिक के लिए शुरू करने से पहले थोड़े और ट्रेल की जरूरत है ..पर बादली के मुकरबा चौक के पास बने इस स्टेशन का नाम 2012 में बादली मोड़ रखा गया  इसके बाद अब इसका नाम हैदरपुर मेट्रो स्टेशन कर दिया गया . अब नामकरण में ट्रेल शुरू होने के कारण काफी महेंगा भी है और अब लोगो ने इसका विरोध करना भी शुरू कर दिया है .. बादली विधानसभा की बीजेपी इकाई ने आज आउटर रिंग रोड जाम किया .. ये लोग अरविन्द केजरीवाल का पुतला फूंक रहे है इनकी मांग है मेट्रो स्टेशन का नाम हैदरपुर क्यों किया जिसे चेंज करने में लाखो रूपये खर्च हुए ..जिसमे सोफ्टवेयर चेंज करने पड़े .. अनाउंसमेंट सिस्टम चेंज करना पड़ा .. बादली के इन लोगो का कहना है की जिस जमीन पर मेट्रो स्टेशन बना है वो बादली के खसरे से एक्वायर की गई है और इसका नाम बादली मोड़ रखा जाए ..इस बात को लेकर नारेबाजी जारी .. ( नारेबाजी विसुअल यूज करें ..)
बाईट - राजेश यादव बीजेपी कार्यकर्ता ..
बाईट - अतुल शर्मा ( स्थानीय निवासी )
ऐसा नही प्रोटेस्ट में बीजेपी के ही लोग हो इनके साथ बादली गाँव के स्थानीय लोग भी थे इनको अपने गाँव के नाम पर मेट्रो स्टेशन का नाम करवाने की चाहत है .. यहा मेट्रो स्टेशन के एक तरफ बादली तो दूसरी तरफ हैदरपुर  गाँव है .. आउटर रिंग रोड की सडक के पार बादली गाँव तो जिस तरफ मेट्रो स्टेशन बना है उसी तरफ हैदरपुर गाँव है .. पर बादली के लोगो का कहना है जिस जमीन में मेट्रो स्टेशन बना है वो बादली गाँव की है इसलिए बादली मोड़ ही पुराना नाम रहना चाहिए हैदरपुर जो किया गया उसे दुबारा बादली मोड़ किया जाए .. फिलहाल नामकरण को लेकर ये विरोध जारी है लेकिन इतना भी निश्चित है यदि नाम दोबारा बादली मोड़ किया गया तो तब हैदरपुर के लोग विरोध कर सकते है ......................
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अनिल अत्री दिल्ली .......................

गुरुवार, 13 अगस्त 2015

एक बार फिर किसानो के साथ धोखा हुआ वो भी देश की राजधानी दिल्ली में ...

एक बार फिर किसानो के साथ धोखा हुआ वो भी देश की राजधानी दिल्ली में ....
एंकर - एक बार फिर किसानो के साथ धोखा हुआ वो भी देश की राजधानी दिल्ली में .... दिल्ली में एग्रीकल्चर लेंड के सर्कल रेट दिल्ली सरका


र ने करीब तीन गुना तक बढाकर नोटिफिकेशन तक जारी कर दिया .. जमींनदार काफी खुश नजर आये पर अब LG साहब ने इस नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी जिससे फिर मामला खटाई में पड़ गया .. अब किसान मायुश और कहना है हर बार किसान ठगा जाता है ..किसानो का कहना है यदि केजरीवाल सरकार दिल से किसानो का भला चाहती तो प्रोपर चैनल से सर्कल रेट की अधिसूचना लाती और ये दिक्कत ही नही आती ..बिना प्रोपर सिस्टम के LG के हस्ताक्षर बिना अधिसूचना लाकर किसानो को खुश किया और बाद में LG साहब ने इसे रिजेक्ट कर दिया .. किसानो ने इस सबको राजनीति कहा ..साथ ही बुराड़ी जैसे एरिया के खेतो में अभी तक भी किसी किसान को मुआवजा न मिलने से किसान दिल्ली सरकार से  नाराज है ..
वी ओ 1
राजधानी दिल्ली में किसान अपने खेत बेचने में लगे है .. खेतो की जगह पर कंक्रीट की कालोनिया बन रही है .. किसान सरकार से डरकर अपनी जमींन बेच रहे है .. पता नही कब सरकार जमीन को कोडियो के भाव में हथिया ले .. जो एक निजी बाजार में छे से सात करोड़ की बिक रही है सरकार उसे पता नही कब मात्र पचहतर लाख में अधिग्रहण कर ले .. इस डर से किसानो ने काफी जमीन बेच दी और खेती की जमीन कम होती गई जिससे प्रदुषण भी बढ़ा और हवा जहरीली हो गई .. बची जमीन के लिए किसान कई सालो से लड़ाई भी लड़ रहे है ..अब दिल्ली सरकार ने सर्कल रेट 75 लाख से बचाकर साढ़े तीन करोड़  तक किये .. जिसमे दो जॉन बनाकर अलग अलग रेट किये.. अधिकतम रेट साढ़े तीन करोड़  किया जिसमे सोलिटीयम अलग होगा ... दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने बिना LG के पास ये फ़ाइल भेजे नये सर्कल रेट की अधिसूचना जारी कर दी जो रजिस्ट्रार कार्यालयों तक भी पहुंच गई थी .. पर LG साहब ने अब इस अधिसूचना को रिजेक्ट कर दिया और रेट पुराने या नये एक संशय बन गया ... शुरू में अधिसूचना आने पर किसान खुश हुए अब फिर मायुश हो गये ... इसपर किसानो का कहना है ये सब राजनीति का खेल है यदि सही मायने में किसानो का भला करना था तो केजरीवाल सिस्टम से वाया LG ये अधिसूचना लाती और किसानो का भला होता .. बिना LG के पास फ़ाइल भेजे अधीसुचना जारी कर दी जिसे LG साहब ने रिजेक्ट कर दी . किसान वहीं आ गये जहा पहले थे ....
बाईट - रवीन्द्र त्यागी किसान बुराड़ी ..
वी ओ 2
सर्कल रेट ही नही किसान मुआवजे को लेकर भी दिल्ली सरकार से नाराज है .. दिल्ली सरकार ने देश में सबसे ज्यादा मुआवजा देने की घोशनाए और प्रचार किये .. और जल्द तुरंत मुआवजे की बात कहीं पर किसानो को अभी तक मुआवजा नही मिला .... जितने का मुआवजा मिलना था उससे ज्यादा राशि तो तो लगता है इसके प्रचार में लगा दी ..
बाईट - प्रदीप त्यागी किसान बुराड़ी ..
वी ओ 3
अब किसानो का एक बार फिर सपना टूट गया जहा थे वहीं आ गये .. अब केजरीवाल सरकार ने विधायको को जिम्मेदारी दी है की वे किसानो के बीच जाकर ये बात बताये की दिल्ली सरकार ने सर्कल रेट बढाये थे पर LG साहब ने रोक लगा दी इससे साफ़ है इस मुद्दे में कहीं न कहीं वोट बैंक बढाने की राजनीति छिपी है ..
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अनिल अत्री दिल्ली .................

रविवार, 26 अप्रैल 2015

बाहरी दिल्ली के नरेला में किसानो के मुआवजे और FCI द्वारा अनाज की वक्त पर खरीद न करने के विरोध में किसानो और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओ ने प्रदर्शन किया

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बाहरी दिल्ली के नरेला में किसानो के मुआवजे और FCI द्वारा अनाज की वक्त पर खरीद न करने के विरोध में किसानो और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओ ने प्रदर्शन किया और अनाज  मण्डी के आगे मेन रोड पर दिल्ली के सीएम और देश के प्रधान्ममंत्री के पुतले फूंके । इस मौके पर दिल्ली युथ कांग्रेस के अध्यक्ष ने भाग लिया ।

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वी ओ 1
ये लोग है दिल्ली युथ कांग्रेस के । साथ में दिल्ली प्रदेश युथ कांग्रेस के अध्यक्ष अमित मलिक भी शामिल है । इनका प्रोटेस्ट किसानो की समस्या को लेकर है । नरेला से कांग्रेस के पूर्व विधायक चरण सिंह कण्डेरा विधानसभा के पूर्व प्रत्यासी परवीन कुमार शामिल है । इनका कहना है दिल्ली सरकार मुआवजे के नाम पर किसानो से छल कर रही है । अभी तक कोई गिरवदारी या सर्वे नही हुआ केवल झूठे आस्वासन दिए जा रहे है । काफी  कुछ मौसम ने खत्म किया उसमे जो बचा उसको मण्डी में FCI खरीद नही पा रही है । किसानो बचा अनाज मण्डी में खराब हो रहा है ।
बाइट अमित मलिक अध्यक्ष दिल्ली युथ कांग्रेस ।
बाइट प्रवीण कुमार कांग्रेस पूर्व विधानसभा प्रत्यासी नरेला विधानसभा ।
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वी ओ 2
युथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओ और किसानो ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार दोनों के खिलाफ नारेबाजी की और अरविन्द केजरीवाल और प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के पुतले जलाये और दस दिन में यदि किसानो की फसल नही खरीदी गई मुआवजा नही मिला तो बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी ।

अनिल अत्री दिल्ली ।